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  • हाराष्ट्र जिला परिषद चुनाव 2026: BJP-Mahāyuti गठबंधन का दबदबा, विपक्ष कमजोर

    हाराष्ट्र जिला परिषद चुनाव 2026: BJP-Mahāyuti गठबंधन का दबदबा, विपक्ष कमजोर

    9 फ़रवरी 2026, मुंबई/महाराष्ट्र — महाराष्ट्र में सोमवार को घोषित जिला परिषद (Zilla Parishad) और पंचायत समिति चुनावों 2026 के शुरुआती परिणामों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके महा-युति गठबंधन (जिसमें एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिव सेना भी शामिल है) ने स्पष्ट बढ़त बना ली है, जबकि कांग्रेस, उद्धव सेना और शरद पवार गुट की NCP अपेक्षाकृत पीछे दिख रहे हैं।

    महाराष्ट्र के 12 जिला परिषदों और कई पंचायत समिति सीटों के परिणामों में शुरुआती रुझानों के अनुसार:

    • BJP लगभग 8 जिला परिषदों में सबसे आगे है,
    • एकनाथ शिंदे की शिव सेना 3 जिला परिषदों में बढ़त बनाए हुए है,
    • NCP (अजित पवार गुट) एक जिला परिषद में आगे चल रही है।

    इसके अलावा राज्य भर में महा-युति गठबंधन कई सीटों पर महत्वपूर्ण बढ़त बनाए हुए है, जिससे यह गठबंधन स्थानीय शासन-संरचना में फिर से मजबूत स्थिति में दिख रहा है।

    📊 मतगणना लाइव: रुझान क्या दिखा रहे हैं

    मतगणना सुबह शुरू हुई और कई जिलों में जब तक परिणाम आने लगे, तब तक BJP और इसके सहयोगियों ने साफ बढ़त बनानी शुरू कर दी थी। शुरुआती रुझानों में यह संकेत मिल रहा है कि महा-युति गठबंधन राज्य के कई जिलों पर नियंत्रण कर सकता है, जबकि विपक्षी दलों का प्रदर्शन कमजोर दिखा।

    राज्य चुनावों में कुल 731 जिला परिषद सदस्य सीटों और 1,462 पंचायत समिति सीटों के लिए मतगणना जारी है, और आगे आने वाले घंटे में अंतिम परिणाम स्पष्ट होंगे।

    📌 राजनीतिक प्रभाव

    इस स्थानीय चुनाव में BJP-महा-युति की बढ़त को राजनीतिक बहुमत और तैयारियों का संकेत माना जा रहा है। विश्लेषक इसे आगामी बड़े चुनावों से पहले राजनीतिक ताकत-तुलना का एक अहम संकेतक बता रहे हैं, क्योंकि संगठन-स्तर पर यह गठबंधन लगातार बेहतर परिणाम दे रहा है और महाराष्ट्र के ग्रामीण व जिला-स्तरीय नेतृत्व में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है।

  • AIMIM के शौकत अली का विवादित बयान: “हम दो, हमारे दो दर्जन — मुसलमानों से ज़्यादा बच्चे पैदा करें”

    AIMIM के शौकत अली का विवादित बयान: “हम दो, हमारे दो दर्जन — मुसलमानों से ज़्यादा बच्चे पैदा करें”

    लखनऊ/मुरादाबाद, 9 फ़रवरी 2026 — ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने मुरादाबाद में एक जनसभा के दौरान एक विवादित बयान दिया है, जिसमें उन्होंने मुस्लिम समुदाय से ज़्यादा से ज़्यादा बच्चे पैदा करने की अपील की है। उनका यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा में आ गया है।

    📊 क्या कहा शौकत अली ने?

    जनसभा में शौकत अली ने कहा कि वे खुद 8 बच्चों के पिता हैं और उनके बड़े भाई के 16 बच्चे हैं। उन्होंने नारा दिया:

    “हम दो, हमारे दो दर्जन” — यानी अच्छी, बड़ी संख्या में बच्चे पैदा करना चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि जब अल्लाह बच्चे दे रहा है तो उन्हें स्वीकार करना चाहिए और जब तक दिए जाते रहें, लोग उन्हें लेते रहें, क्योंकि जनसंख्या बढ़ने से देश मजबूत होगा। उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़ी आबादी वाले देश ज़्यादा ताकतवर होते हैं।

    📍 मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ हिंदुओं के लिए भी अपील

    शौकत अली ने न सिर्फ मुसलमानों से बल्कि यह भी कहा कि वे हिंदू भाइयों से भी अधिक बच्चे पैदा करने की बात कहेंगे, ताकि देश की ताकत बढ़ सके।

    🤝 राजनीतिक टिप्पणी और प्रतिक्रिया

    बयान के दौरान शौकत अली ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि विपक्षी दल मुस्लिमों की संख्या को लेकर परेशान हैं। उन्होंने अलग-अलग राजनीतिक मुद्दों पर भी अपनी बात रखी, जिस पर राजनीतिक विश्लेषक अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

    🗣️ क्यों विवाद बना?

    जनसंख्या मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी अक्सर विवादों को जन्म देती है, खासकर जब यह सीधे समुदायों को संबोधित किया जाता है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयानों से सामाजिक तनाव बढ़ सकता है, जबकि समर्थक इसे जनसंख्या लाभ और राष्ट्रीय मजबूती के संदर्भ में देख रहे हैं।

  • प्यार की खातिर पाकिस्तान गया अलीगढ़ का बादल बाबू — जेल सजा पूरी, अब भारत वापसी की राह आसान

    प्यार की खातिर पाकिस्तान गया अलीगढ़ का बादल बाबू — जेल सजा पूरी, अब भारत वापसी की राह आसान

    अलीगढ़, उत्तर प्रदेश — सोशल मीडिया पर प्यार की शुरुआत करने वाला बादल बाबू नामक युवक अब पाकिस्तान की जेल से रिहा हो गया है और जल्द भारत लौटने की प्रक्रिया पूरी हो रही है। यह घटना प्रेम-कहानी की तरह शुरू हुई थी, लेकिन गलत फैसले और अवैध बॉर्डर क्रॉसिंग के कारण वह पाकिस्तान में न्यायिक प्रक्रिया के बाद जेल में एक साल तक रहा।

    💔 फेसबुक से पाक प्यार तक का सफर

    अलीगढ़ के बरला थाना क्षेत्र के खिटकारी गांव के बादल बाबू की मुलाक़ात पाकिस्तान की सना रानी से फेसबुक पर हुई थी। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई और बादल ने दोनों के रिश्ते को आगे बढ़ाने की ठानी। इसी प्यार की चाह में उसने बिना वीजा या पासपोर्ट के भारत-पाक सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंचने का जोखिम उठाया।

    हालाँकि सना रानी ने बादल को सिर्फ दोस्त के रूप में स्वीकार किया था और शादी जैसे प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। इसके बावजूद बादल पाकिस्तान पहुँच गया, जहां दो दिन तक रहा, लेकिन सना और उसके परिजनों ने उसे घर से निकाल दिया। इसके बाद बादल पाकिस्तान के मंडी बहाउद्दीन इलाके में साधारण काम करने लगा।

    👮‍♂️ गिरफ्तारी और सजा

    बादल को स्थानीय लोगों की सूचना पर पाकिस्तानी पुलिस ने हिरासत में लिया क्योंकि उसके पास पासपोर्ट या वैध दस्तावेज नहीं थे। जांच में पता चला कि वह अवैध रूप से देश में प्रवेश कर चुका था। इसके बाद पाकिस्तानी अदालत ने विवाद में एक साल की जेल सजा सुनाई थी और उसे डिटेंशन सेंटर में रखा गया।

    📅 सजा पूरी, अब वापसी की राह

    अब बादल बाबू ने अपनी जेल सजा पूरी कर ली है और फिलहाल उसे डिटेंशन सेंटर में रखा गया है, जहाँ से भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी हो रही है। उसके वकील के अनुसार, आवश्यक औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद वह लगभग एक हफ्ते के भीतर भारत लौट सकता है

    📌 परिवार की गुहार और आगे की उम्मीद

    बादल के पिता और परिवार पहले भी भारत सरकार और अधिकारियों से मदद की अपील कर चुके हैं ताकि उनका बेटा जल्दी से जल्दी घर लौट सके। उनकी इच्छा है कि इस अनोखी और चुनौती भरी प्रेम-कहानी का अंत सुरक्षित वापसी के साथ हो।

  • सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: ममता सरकार को चुनाव से पहले झटका

    सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: ममता सरकार को चुनाव से पहले झटका

    नई दिल्ली, 9 फरवरी 2026 — सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ सुनवाई के बाद एक अहम फैसला सुनाया है, जो राज्य की राजनीति में, खासकर आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा उतार-चढ़ाव ला सकता है।

    मुख्य बात यह है कि उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को बड़ा कानूनी झटका दिया है और राज्य के कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों को पुराना महंगाई भत्ता (DA) 2008 से 2019 तक का पूरा भुगतान कराने का आदेश दिया है।

    इस फैसले से यह स्पष्ट होता है कि ममता सरकार के वकीलों द्वारा दाखिल दलीलों पर कोर्ट ने कड़ी दृष्टि रखी और राज्य प्रशासन को अपने वित्तीय दायित्वों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने पाया कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को DA का पूरा भुगतान करना कानूनी और संवैधानिक अधिकार है।

    📌 प्रमुख घटनाक्रम

    🔹 पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची संशोधन (Special Intensive Revision/SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दलीलें चलीं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप लगाए, लेकिन कोर्ट ने सुनवाई जारी रखी।
    🔹 दलीलें सुनते हुए कोर्ट ने मुख्य मुद्दों पर चुनाव आयोग और राज्य प्रशासन से जवाब भी मांगा, जिससे चुनाव प्रक्रिया के आसपास बढ़ते तनाव का असर दिल्ली में भी दिखा।
    🔹 यह सुनवाई प्रमुख राजनीतिक और संवैधानिक सवाल उठाती है, जैसे चुनाव से पहले मतदाता सूची में संशोधन, चुनाव आयोग-सरकार संबंध, और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के अधिकारों का संरक्षण।
    🔹 ममता बनर्जी अपनी दलील खुद सुप्रीम कोर्ट में पेश करने वाली पहली sitting CM बनकर भी सुर्खियों में रही।

    ⚖️ फैसले का मतलब क्या है?

    विश्लेषकों के अनुसार यह आदेश न सिर्फ वित्तीय दायित्वों का पालन सुनिश्चित करेगा बल्कि राजनीतिक रूप से भी टीएमसी शासन की छवि पर सवाल उठाता है क्योंकि चुनावी माहौल पहले ही गरमाया हुआ है
    मुख्य न्यायालय की टिप्पणियाँ यह संकेत देती हैं कि न्यायपालिका संवैधानिक अधिकारों और दायित्वों पर कड़ी निगरानी रख रही है, जिससे ममता सरकार के लिए अगले कुछ सप्ताह चुनौतिपूर्ण हो सकते हैं।

  • अलीगढ़ से वायरल ख़बर — प्रपोज डे पर युवक-लड़की घटना, शर्मनाक विवाद!

    अलीगढ़ से वायरल ख़बर — प्रपोज डे पर युवक-लड़की घटना, शर्मनाक विवाद!

    अलीगढ़, उत्तर प्रदेशवैलेंटाइन वीक के दूसरे दिन यानी प्रपोज डे (8 फ़रवरी 2026, रविवार) को अलीगढ़ शहर के खाईडोरा इलाके में एक अनोखी और सुर्खियों वाली घटना सामने आई। यहां एक युवा मुस्लिम युवक ने हिंदू लड़की को सार्वजनिक रूप से प्रपोज़ किया, लेकिन लड़की ने इस प्रस्ताव पर अपना गुस्सा ज़ाहिर करते हुए युवक को चप्पलों से बेरहमी से पीट दिया। घटना के बाद भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने भी युवक को मारपीट की, और अंत में पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया

    📍 मामला क्या है?

    आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, इरफान नामक युवक कई दिनों से इसी लड़की का पीछा कर रहा था और उसे परेशान कर रहा था। लड़की ने पहले भी अपने परिजनों से उसकी हरकतों की शिकायत कर रखी थी। प्रपोज डे के दिन जब वह लड़की को बीच सड़क पर रोका और “बाबू” या “सोना” कहकर प्रपोज़ करने की कोशिश की, तो लड़की ने इसका ज़ोरदार विरोध किया। इसके बाद उसने युवक पर चप्पलों से हमला किया और भीड़ ने भी युवक को पकड़ा कर थप्पड़ लगाने शुरू कर दिए।

    👮‍♂️ पुलिस और कानूनी कार्रवाई

    घटना में लड़की के परिजनों ने सासनी गेट थाना में तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। बाद में पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। स्थानीय नेताओं, जिनमें कुछ हिन्दूवादी कार्यकर्ता भी शामिल हैं, ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की थी।

    📊 विवाद और प्रतिक्रियाएँ

    यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हुई है और चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ लोग इसे प्रपोज डे के तरीके की समस्या के तौर पर देख रहे हैं, जबकि कईयों ने इसे व्यक्तिगत सीमाओं और असहमतिपूर्ण व्यवहार की याद दिलाने वाला मामला बताया है। विशेषज्ञ इस तरह की घटनाओं पर यह भी कहते हैं कि किसी को भी सार्वजनिक रूप से किसी को प्रपोज़ करने से पहले सम्मान और सहमति का ध्यान रखना चाहिए


    📌 निष्कर्ष

    प्रपोज डे पर हुई इस घटना से यह परी स्पष्ट होती है कि इच्छा के बिना किसी व्यक्ति पर प्यार थोपना या सार्वजनिक प्रपोज़ करना गलत प्रतिक्रिया और सामाजिक विवाद का कारण बन सकता है। हर व्यक्ति के लिए सहमति और सम्मान सबसे महत्वपूर्ण हैं — चाहे प्रेम का अवसर कितना भी रोमांटिक क्यों न हो।

  • पटना में खुला “खान सर अस्पताल” — इलाज और टेस्ट इतने सस्ते कि लोग हैरान!

    पटना में खुला “खान सर अस्पताल” — इलाज और टेस्ट इतने सस्ते कि लोग हैरान!

    पटना (बिहार) में मशहूर शिक्षक और यूट्यूबर खान सर (फैज़ल खान) ने एक अनोखा सामाजिक कदम उठाते हुए अत्यंत किफायती स्वास्थ्य केंद्र खोला है, जहाँ सामान्य जनता के लिए इलाज और टेस्ट बेहद कम दाम में उपलब्ध हैं — यहाँ तक कि कई जगह सरकारी अस्पतालों से भी सस्ते!

    📍 यह अस्पताल पटना के अशोक राजपथ पर स्थित है और रोज़ाना बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज और जांच के लिए आते हैं। सुबह 9 बजे दरवाज़ा खुलने से पहले ही लाइनें लग जाती हैं, और OPD सुबह 11 बजे तक शुरू कर दी जाती है। रविवार को अस्पताल बंद रहता है।

    🩺 सस्ते दरों की दर सूची

    यहाँ कुछ मुख्य सेवाओं के मामूली शुल्क इस तरह हैं:

    • 🩸 ब्लड टेस्ट: सिर्फ ₹7
    • 📈 ECG: मात्र ₹25
    • 🧾 एक्स-रे: केवल ₹35
    • 🧠 थायरॉइड टेस्ट: लगभग ₹90 (अन्य जगहों पर कई गुना महँगा)
    • 🧪 किडनी टेस्ट (KFT/क्रिएटिनिन): ₹7–₹17
    • 🧲 MRI स्कैन: लगभग ₹2,700 (बाजार दर से बहुत कम)
    • 🧠 MRI स्क्रीनिंग: ₹1,000

    इन दरों को देखकर आम लोग और आसपास के जिलों के मरीज हैरान हैं कि अब टेस्ट-इमेजिंग इतनी कम लागत में भी संभव है।

    💡 क्यों है ये पहल खास?

    खान सर की इस पहल का उद्देश्य सेवा-भावना पर आधारित स्वास्थ्य सुविधा देना है, न कि मुनाफा कमाना। वे मानते हैं कि पैसे की कमी किसी को इलाज से वंचित नहीं रखनी चाहिए, और इसी कारण उन्होंने यह अस्पताल खोला है।

    खान सर के इस कदम को लोग सामाजिक बदलाव की दिशा में एक बड़ी पहल मान रहे हैं, खासकर उन परिवारों के लिए जो महंगे चिकित्सा खर्च का बोझ नहीं उठा पाते।

  • बाबा वेंगा की भविष्यवाणी: सोना-चांदी की कीमतें पार करेंगी हर सीमा?

    बाबा वेंगा की भविष्यवाणी: सोना-चांदी की कीमतें पार करेंगी हर सीमा?

    रविवार, 9 फ़रवरी 2026 — बुल्गारिया की रहस्यमयी भविष्यवक्ता बाबा वेंगा का नाम एक बार फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया और निवेश-समुदायों में दावा किया जा रहा है कि उन्होंने सोने, चांदी और तांबे (Gold, Silver, Copper) के भावों को लेकर 2026 में बड़ी भविष्यवाणी की थी, जिससे इनकी कीमतें हवा में उड़ सकती हैं और पारंपरिक मुद्रा की वैल्यू कम हो सकती है।

    🔮 बाबा वेंगा ने क्या कहा?

    बाबा वेंगा के कथित भविष्यवाणियों के अनुसार, दुनिया वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और कैश तंगी की ओर बढ़ सकती है। ऐसे समय में पारंपरिक नोट-बैंकिंग सिस्टम पर लोगों का भरोसा कम होगा और कीमती धातुओं (सोना, चांदी, तांबा) को निवेश और संरक्षण के लिए पहला विकल्प माना जाएगा। इससे इन धातुओं की कीमतों में तेज़ी आ सकती है।

    📈 मौजूदा बाजार में क्या चल रहा है?

    आज की बाज़ार स्थितियों पर नजर डालें तो:
    24 कैरेट सोना लगभग ₹1,52,078 प्रति 10 ग्राम के आसपास है,
    चांदी का भाव ₹2,44,929 प्रति किलो के करीब रहा है,
    तांबा भी मजबूत स्तर पर कारोबार कर रहा है।
    इन आंकड़ों को देखकर निवेशक सोच रहे हैं कि क्या सोने का भाव ₹1.60 लाख और उससे ऊपर तक पहुंच सकता है।

    📊 विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

    जहां कुछ लोग बाबा वेंगा की भविष्यवाणी को गंभीरता से लेते हैं, वहीं कई आर्थिक विश्लेषक और मार्केट एक्सपर्ट्स बताते हैं कि कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी का सीधा कारण भविष्यवाणियाँ नहीं बल्कि वैश्विक geopolitics, निवेश मांग में वृद्धि और मौजूदा आर्थिक अनिश्चितता है। ऐसे कारक बाजार को अस्थिर करते हैं और सुरक्षित निवेश (safe-haven assets) की ओर लोगों को आकर्षित करते हैं।

    📌 निष्कर्ष

    बाबा वेंगा की भविष्यवाणी वर्तमान समय में निवेशकों और आम जनता के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है, लेकिन यह याद रखना ज़रूरी है कि कोई भी भविष्यवाणी आर्थिक मॉडल या विशेषज्ञ विश्लेषण की बराबरी नहीं करती. सोना-चांदी की कीमतें कई कारकों से प्रभावित होती हैं, और सिर्फ एक भविष्यवाणी के आधार पर निवेश फैसले लेना जोखिम भरा हो सकता है।

  • छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मुस्लिम संपत्ति और वसीयत पर बड़ा फैसला सुनाया

    छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने मुस्लिम संपत्ति और वसीयत पर बड़ा फैसला सुनाया

    रायपुर, 9 फरवरी 2026 — छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (Chhattisgarh High Court) ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण न्यायिक आदेश में कहा है कि किसी भी मुस्लिम व्यक्ति को अपनी संपत्ति का पूरा हिस्सा वसीयत (Will) के माध्यम से किसी एक व्यक्ति को बिना सभी कानूनी वारिसों की सहमति के नहीं दिया जा सकता
    अदालत ने स्पष्ट किया कि इस्लामी कानून (Muslim Personal Law) के मूल सिद्धांत के अनुसार, एक मुस्लिम व्यक्ति अपनी संपत्ति का केवल एक-तिहाई (1/3) हिस्सा ही बिना वारिसों की अनुमति से वसीयत कर सकता है; यदि वह एक-तिहाई से अधिक हिस्सा देना चाहता है तो सभी वैध उत्तराधिकारियों (Legal Heirs) की सहमति जरूरी होगी।

    ⚖️ फैसला क्यों अहम?

    इस फैसले से यह बात कानूनी रूप से साफ हो गई है कि
    • कोई भी मुस्लिम संपत्ति का पूरा मालिक नहीं होता,
    • उसने जो भी वसीयत लिखी है, वह तब तक मान्य नहीं होगी जब तक अन्य उत्तराधिकारियों का समर्थन न मिला हो,
    • मौजूदा इस्लामी उत्तराधिकार के सिद्धांत (जो कोर्ट ने लागू किए) के साथ न्यायपालिका ने भी संतुलन बनाया है।

    उच्च न्यायालय के अनुसार, यह सिद्धांत इस्लामी कानून के मूल दर्शन पर आधारित है, जिसका उद्देश्य उत्तराधिकारियों के अधिकारों की रक्षा करना है और किसी भी एक व्यक्ति को अनुचित लाभ नहीं देना।

    📌 फैसले का असर

    यह निर्णय मुसलमानों के संपत्ति विवादों, वसीयत से जुड़े मामलों और उत्तराधिकार कानूनों में व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
    विशेष रूप से तब जब वसीयत में बड़ी सूचनाएँ होती हैं जैसे कि जमीन, व्यवसाय, या अन्य मूल्यवान संपत्तियों का बंटवारा।

  • उदयपुर से ताज़ा खबर – पूर्व पार्षद हेमन्त बोहरा की दर्दनाक मौत

    उदयपुर से ताज़ा खबर – पूर्व पार्षद हेमन्त बोहरा की दर्दनाक मौत

    उदयपुर (राजस्थान) में 8 फरवरी की रात एक गंभीर सड़क हादसे में वार्ड-38 के पूर्व पार्षद हेमन्त बोहरा की दर्दनाक मौत हो गई है। उन्होंने रात करीब 11 बजे अपने घर लौटते समय बाइक से बीएन यूनिवर्सिटी के पास मार्ग पर नियंत्रण खो दिया और बाइक सड़क किनारे खंभे से टकराने के बाद नीचे खाई में गिर गई, जिससे उनकी मृत्यु हो गयी। उन्हें गंभीर हालत में पास के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें बचाया नहीं जा सका।

    हेमन्त बोहरा नगर निगम में निवर्तमान बोर्ड सदस्य, वार्ड-38 के पार्षद और विद्युत समिति के अध्यक्ष भी रह चुके थे। हादसे की सूचना मिलते ही भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता अस्पताल पहुंचे, और उनके निधन पर भाजपा में शोक की लहर दौड़ गई। कई कार्यक्रम स्थगित कर श्रद्धांजलि कार्यक्रम किए गए।

    परिवार ने बताया कि बोहरा इंजीनियर थे और भूमि कारोबार से जुड़े थे। उनके दो बेटे हैं, जो दोनों इंजीनियर हैं, और परिवार नवंबर में एक बेटे की शादी की तैयारियों में लगा हुआ था

  • मस्जिद में ब’च्चे संग गंदी हरकत, आरोपी बोला- ‘चलो छत पर नमाज पढ़ना सिखाता हूं’…उसके बाद हुआ…

    मस्जिद में ब’च्चे संग गंदी हरकत, आरोपी बोला- ‘चलो छत पर नमाज पढ़ना सिखाता हूं’…उसके बाद हुआ…

    गुजरात के अहमदाबाद में एक मस्जिद में 8 साल के बच्चे के साथ भयानक दुर्व्यवहार किया गया। 23 साल के आरोपी ने बच्चे को मस्जिद की छत पर ले जाकर यह अपराध किया। उसने बच्चे को नमाज़ सिखाने के बहाने यह घिनौना काम किया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

    बच्चा शुक्रवार की नमाज़ के लिए मस्जिद गया था

    पीड़ित के परिवार वालों ने बताया कि बच्चा शुक्रवार की नमाज़ के लिए मस्जिद गया था। वहां आरोपी नोमान शेख ने बच्चे से कहा, “छत पर आओ, मैं तुम्हें नमाज़ पढ़ना सिखाऊंगा।” आरोपी करीब 20 मिनट तक बच्चे के साथ छत पर रहा। इस दौरान उसने बच्चे के साथ यह घिनौना काम किया। इसके बाद वह मस्जिद से भाग गया। पीड़ित के परिवार ने बताया कि नोमान शेख पड़ोस में ही रहता है और बच्चा उसे जानता था। इसीलिए जब उसने बच्चे को छत पर चलने को कहा, तो बच्चा उसके साथ चला गया।

    बच्चे को CCTV फुटेज में भागते हुए देखा गया

    गुजरात पुलिस ने बताया कि जब बच्चे ने अपने परिवार को इस घटना के बारे में बताया, तो वे पास के पुलिस स्टेशन गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मस्जिद गई और CCTV फुटेज की जांच की। असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस वाणी दुधात ने बताया कि CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि आरोपी करीब 20 मिनट तक बच्चे के साथ छत पर रहा था। CCTV फुटेज में बच्चे और आरोपी को छत पर जाते हुए साफ देखा जा सकता है।

    इसके बाद बच्चे को मस्जिद से भागते हुए देखा गया। आरोपी नोमान शेख भी उसके पीछे-पीछे आता हुआ दिखा। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 115(2) और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पीड़ित बच्चे को मेडिकल जांच के लिए भी भेजा गया है।