महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के अचानक निधन ने एनसीपी (अजित गुट) को दो गुटों में बांट दिया है। एक गुट महायुति के साथ बने रहना चाहता है, जबकि दूसरा शरद पवार गुट के साथ जाने को तैयार है।
गुटबाजी की शुरुआत
अजित पवार के प्लेन क्रैश में निधन से पहले दोनों एनसीपी गुटों के विलय की चर्चाएं तेज थीं। पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ निकाय चुनावों में दोनों ने गठबंधन किया था, और फरवरी के दूसरे हफ्ते में एकता का ऐलान होने वाला था। लेकिन हादसे ने सब बिखेर दिया, अब अजित गुट के नेता सुनेत्रा पवार को कैबिनेट बर्थ देने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ शरद पवार से merger चाहते हैं।
BJP पर पड़ी मार
बीजेपी चाहती है कि अजित गुट महायुति में रहे, क्योंकि उनका जाना एकनाथ शिंदे की शिवसेना को मजबूत कर सकता है। अजित पवार महायुति में संतुलन बनाए रखते थे, अब गठबंधन की गणित बिगड़ गई है।
| गुट | रुख | प्रभाव |
|---|---|---|
| महायुति समर्थक | BJP के साथ रहना | गठबंधन स्थिरता |
| शरद पवार समर्थक | Merger की मांग | NCP एकीकरण संभव |
| BJP | अजित गुट को रोकना | शिंदे गुट का बैलेंस |
यह बंटवारा महाराष्ट्र निकाय चुनावों से पहले सियासत को नया मोड़ दे सकता है।

Leave a Reply