महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन सदमे की खबर है। 28 जनवरी को बारामती एयरस्ट्रिप पर लैंडिंग के दौरान कम विजिबिलिटी के चलते यह हादसा हुआ, जिसमें पांचों यात्रियों की मौत हो गई।
पायलट संघ का सवाल
फेडरलेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने DGCA की 3 हजार मीटर विजिबिलिटी पर सवाल उठाए। अनकंट्रोल्ड एयरस्ट्रिप पर कमर्शियल प्लेन के लिए कम से कम 5 हजार मीटर दृश्यता जरूरी बताई गई। सामने सूर्य की चमक से पायलट को रनवे नजर न आने की आशंका जताई।
हादसे का पूरा विवरण
मुंबई से सुबह 8:10 बजे उड़े प्लेन ने पहली लैंडिंग असफल रही। एटीसी ने गो-अराउंड कहा, लेकिन दूसरी कोशिश में रनवे से 50 मीटर पहले टेबलटॉप रनवे किनारे खाई में क्रैश हो गया। CCTV में धमाका और आग की लपटें कैद हुईं। विमान 16 साल पुराना था, तीन टुकड़ों में बंटा।
सुरक्षा चूक की आशंका
एक्सपर्ट्स का कहना है कि बिना ILS या न्यूनतम सुरक्षा उपकरण वाली स्ट्रिप पर VIP फ्लाइट लैंडिंग जोखिम भरी। बारामती ऊंचाई पर होने से चुनौती बढ़ी। DGCA, AAI और ATC की जिम्मेदारी पर सवाल, जांच की मांग।
राजनीतिक प्रभाव
अजित पवार पुणे जिला परिषद चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे। उनके निधन से NCP में शोक की लहर। सुनेत्रा पवार के डिप्टी CM बनने की चर्चा। शवों की पहचान घड़ी से हुई।

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