नई दिल्ली, 7 फ़रवरी 2026: ज्योतिष के अनुसार ग्रहों का गोचर (ग्रहों का एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश) जीवन के हर क्षेत्र पर गहरा प्रभाव डालता है। आज की सबसे बड़ी ज्योतिषीय खबर यह है कि सन् 2027 में लगभग 30 साल के अंतराल के बाद ग्रह शनि (Saturn/Shani) मेष (Aries) राशि में प्रवेश करने वाला है। यह गोचर 12 राशियों के जीवन, भाग्य, और संसाधनों पर अपना असर दिखाएगा।
🪐 शनि का मेष में प्रवेश: क्यों खास?
- शनि को वैदिक ज्योतिष में कर्मफलदाता, न्यायाधीश और अनुशासन ग्रह कहा जाता है। इसका गोचर किसी भी राशि के लिए लंबा-चौड़ा असर छोड़ता है।
- 30 साल बाद शनि का मेष राशि में गोचर इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह पिछले लंबे समय से जारी ग्रह दौर में एक बड़ा बदलाव संकेत करता है।
⭐ किन राशियों के लिए यह शनि गोचर शुभ रहेगा?
ज्योतिष अधिकारियों के अनुसार विशेष रूप से ये 4 राशि के जातकों को अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है:
🔹 1. वृषभ राशि (Taurus)
- धन और साधनों में वृद्धि के योग बनेगे।
- व्यवसाय या नौकरी में उन्नति और स्थिरता की संभावनाएँ।
🔹 2. मिथुन राशि (Gemini)
- सामाजिक प्रतिष्ठा और नेटवर्किंग में सुधार।
- नए अवसर और सकारात्मक बदलाव के संकेत।
🔹 3. तुला राशि (Libra)
- प्रेम-संबंधों, रचनात्मक कार्यों तथा कला-क्षेत्र में सफलता।
- पारिवारिक सुख-शांति में वृद्धि।
🔹 4. धनु राशि (Sagittarius)
- विवादों से राहत, विदेश यात्रा या नए करियर अवसर के योग।
- मानसिक संतुलन और निर्णय-क्षमता में वृद्धि।
📅 शनि गोचर की संभावित तिथि
ज्योतिष के पूर्वानुमान के अनुसार शनि साल 2027 में मेष राशि में प्रवेश करेगा, जिससे इन राशियों पर विशेष प्रभाव देखने को मिलेगा।
🌏 गोचर का व्यापक प्रभाव
शनि का गोचर केवल इन चार राशियों तक सीमित नहीं रहेगा – सबसे अधिक ग्रहों का योग, साढ़ेसाती और ढैय्या के चरण भी अलग-अलग राशियों पर प्रभाव डाल सकते हैं, और यह भविष्यवाणी के अनुसार लंबे समय तक जारी रह सकता है।

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