नई दिल्ली, 7 जनवरी 2026: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोमनाथ मंदिर पर ब्लॉग पोस्ट पर हैरान करने वाली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने महमूद ग़ज़नवी का नाम भारत से मिटाने की मांग की, साथ ही पीएम के संदेश की सराहना की।
पीएम मोदी का ब्लॉग और 1000 साल पुराना दर्द
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लॉग में 1026 में ग़ज़नवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर हमले का जिक्र किया। उन्होंने 1000 साल के सफर पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मंदिर तोड़ा जा सकता है, लेकिन सोमनाथ का स्वाभिमान नहीं। शंकराचार्य ने इसे स्वागतयोग्य बताया, कहा कि यह संदेश देता है कि हज़ार साल बाद भी सोमनाथ खड़ा है।
ग़ज़नवी का नाम-निशां मिटाने की मांग
अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ग़ज़नवी ने छोटी सेना से मंदिर, पुजारियों और भक्तों को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने हमले की कोशिश को नाकाम बताते हुए मांग की, “जहां भी ग़ज़नवी का नाम आता है, उसे मिटा देना चाहिए।” शंकराचार्य ने जोर दिया कि ग़ज़नवी ने कुछ अच्छा नहीं किया, इसलिए भारत से उसका नामो-निशां मिटाना चाहिए।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होंगे पीएम
पीएम मोदी 11 जनवरी को गुजरात के सोमनाथ मंदिर में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में भाग लेंगे। उन्होंने ब्लॉग में बताया कि ग़ज़नवी के हमले से शुरू तबाही के बावजूद मंदिर बार-बार rebuild हुआ। शंकराचार्य ने पीएम के सोमनाथ को याद करने को सही ठहराया। यह बयान राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

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