जोधपुर (राजस्थान) में चर्चा में रहे साध्वी और कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। जिन परिस्थितियों में उनकी मौत हुई थी, उस पर पहले कई सवाल उठे थे — और अब जांच में यह खुलासा हुआ है कि उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर जो पोस्ट उनकी मौत के बाद डाली गई थी, वह उन्होंने खुद नहीं डाली थी बल्कि पिता के कहने पर की गई थी।
📌 मामला क्या है?
- साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत 28 जनवरी 2026 को जोधपुर के बोरानाडा थाना इलाके के एक आश्रम में हुई थी। शुरुआती रिपोर्ट में बताया गया था कि एक इंजेक्शन लगाने के बाद उनकी हालत बिगड़ी और अस्पताल लाते समय उनकी मौत हो गई थी।
- मौत के कुछ घंटे बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावात्मक पोस्ट शेयर हुआ, जिसमें ‘अग्नि परीक्षा’ और सनातन धर्म के लिए जीने जैसा संदर्भ था — यह पोस्ट बाद में लोगों के बीच विवाद का विषय बन गई थी।
🕵️♂️ नया खुलासा
- पुलिस जांच के दौरान आश्रम से जुड़े भोमाराम नामक व्यक्ति ने माना है कि उन्होंने ही वह पोस्ट इंस्टाग्राम पर डाला, और वह भी साध्वी द्वारा नहीं बल्कि उनके पिता के कहने पर।
- भोमाराम के बयान के मुताबिक, घटना के बाद रात साढ़े नौ बजे साध्वी के पिता ने उनसे कहा कि वह एक संदेश उनके अकाउंट से डाल दें जिसमें साध्वी की ‘अस्मिता’ और ‘न्याय’ की बात लिखी गई।
🔎 जांच की स्थिति
- इस खुलासे के साथ ही मामला पहले से और भी उलझन में घिरता दिख रहा है।
- एसआईटी (विशेष जांच दल) ने अब तक 37 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं और करीब 40 संदिग्धों की जानकारी जुटाई है, जिसमें दवाओं, बयान और अन्य सबूतों की भी जांच हो रही है।
- पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से भी कई पहलुओं पर नए संकेत मिले हैं, जिनसे मौत के कारण और परिस्थितियों को समझने की कोशिश जारी है।
📌 क्या यह कानूनी तौर पर सही है?
कानून के हिसाब से किसी की मृत्यु के बाद उसके सोशल मीडिया खाते का इस्तेमाल करना आमतौर पर कानूनी रूप से सही नहीं माना जाता है, और इससे जुड़े नियमों का उल्लंघन होने पर दंड का खतरा भी हो सकता है।

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