जम्मू, 8 जनवरी 2026: जम्मू स्थित वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की MBBS सीटों की मान्यता राष्ट्रीय मेडिकल आयोग (NMC) ने रद्द कर दी है। पहले बैच में 50 में से 42 सीटें मुस्लिम छात्रों को मिलने के बाद हिंदू संगठनों के विरोध के बाद यह फैसला आया। आयोग ने इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों और अन्य संगठनात्मक खामियों का हवाला दिया।
हिंदू संगठनों का प्रदर्शन और विवाद
कॉलेज के पहले बैच में 50 MBBS सीटों में से 42 मुस्लिम छात्रों को आवंटित होने पर हिंदू संगठनों ने जोरदार विरोध किया। राष्ट्रवादी बजरंग दल (RBD) ने जम्मू-कश्मीर में हिंदू अल्पसंख्यक होने के बावजूद मुस्लिम छात्रों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया और हिंदू छात्रों के लिए आरक्षण की मांग की। विवाद नवंबर 2025 में शुरू हुआ, जब कॉलेज ने सितंबर में 50 सीटों की मंजूरी पाई थी।
NEET मेरिट पर कॉलेज और सरकार का बचाव
कॉलेज प्रशासन और सीएम उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि प्रवेश NEET स्कोर पर आधारित था। 85% सीटें मुस्लिम बहुल यूनियन टेरिटरी के लिए आरक्षित होने से मुस्लिम छात्रों के उच्च स्कोर के कारण उनकी संख्या अधिक हुई। हालांकि, संगठनात्मक कमियों ने विवाद को बढ़ावा दिया।
NMC के फैसले के कारण
NMC ने मान्यता रद्द करते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, शिक्षकों की अपर्याप्त संख्या और चिकित्सकीय सामग्री की कमी का उल्लेख किया। आयोग को पिछले दो हफ्तों में कई शिकायतें मिलीं, जिनमें संस्थान की सेवाओं पर गंभीर आरोप थे। प्रवेशित छात्रों को अन्य मेडिकल कॉलेजों में समायोजित किया जाएगा। यह फैसला जम्मू-कश्मीर की मेडिकल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

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