नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के बाद अब एक ट्रक ड्राइवर ने खुलासा किया है कि वह भी उसी स्थान पर बाल-बाल बचा था। ड्राइवर ने नोएडा अथॉरिटी पर लापरवाही और रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए इसे ‘हत्या’ करार दिया।
हादसे की पूरी घटना
16 जनवरी 2026 की रात गुरुग्राम से लौट रहे 27 वर्षीय युवराज मेहता की ग्रैंड विटारा कार निर्माणाधीन मॉल के पानी से भरे बेसमेंट गड्ढे में गिर गई। करीब दो घंटे तक फोन पर मदद की गुहार लगाते रहे युवराज की मौत डूबने से हुई, क्योंकि गोताखोरों की कमी और खराब दृश्यता के कारण बचाव विफल रहा। ऑटोप्सी में एंटी-मोर्टेम डूबने से कार्डियक अरेस्ट की पुष्टि हुई
ट्रक ड्राइवर की आपबीती
ट्रक ड्राइवर गुरविंदर सिंह ने बताया कि 2 जनवरी या 30 दिसंबर को उनका ट्रक उसी ‘दलदल’ वाली जगह पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। क्रेन से निकालते समय नोएडा अथॉरिटी के कथित अधिकारी बोलेरो से आए और दीवार टूटने के पैसे मांगे, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। सिंह ने भावुक होकर कहा, “युवराज का वीडियो देख रो पड़ा, यह हादसा नहीं हत्या है, धारा 302 लगनी चाहिए।”
प्रशासनिक कार्रवाई
यूपी सरकार ने नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को हटा दिया और एसआईटी जांच के आदेश दिए। प्लॉट मालिक अभय कुमार गिरफ्तार हो चुका है, जबकि जूनियर इंजीनियर निलंबित। घटनास्थल पर साइनेज, बैरियर और रिफ्लेक्टर की कमी ने इसे ‘डेथ ट्रैप’ बना दिया।
जनाक्रोश और मांगें
परिवार और निवासियों ने विरोध प्रदर्शन किया, प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाए। ट्रक ड्राइवर ने चेतावनी दी कि बिना सुधार के और जानें जा सकती हैं। नया वीडियो सामने आया जिसमें बचाव दल युवराज के करीब पहुंचा लेकिन असफल रहा

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