सुप्रीम कोर्ट ने UGC के विवादित ‘Promotion of Equity in Higher Education Regulations, 2026’ के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। CJI सूर्या कांत की बेंच ने कहा कि वे स्थिति से वाकिफ हैं और प्रक्रिया पूरी करने पर जल्द लिस्टिंग होगी।
नियमों पर विवाद
13 जनवरी 2026 को अधिसूचित ये नियम उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव के खिलाफ हैं, लेकिन केवल SC, ST और OBC के लिए शिकायत तंत्र सीमित रखते हैं। जनरल कैटेगरी छात्रों को इससे बाहर रखा गया, जिसे भेदभावपूर्ण बताया जा रहा है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि रेगुलेशन 3(c) अनुच्छेद 14, 15 और 21 का उल्लंघन करता है। वकील विनीत जिंदल और राहुल दीवान की याचिकाओं में सभी जातियों के लिए समान सुरक्षा की मांग है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
CJI सूर्या कांत ने सुनवाई के दौरान कहा, “हम जानते हैं क्या हो रहा है।” कोर्ट ने याचिकाओं में खामियां दूर करने को कहा। यह रोहित वेमुला और पायल तड़वी मामलों से उपजे 2019 के PIL के बाद आया है।
प्रमुख तर्क
| पक्ष | विवरण |
|---|---|
| याचिकाकर्ता | जनरल वर्ग के खिलाफ भेदभाव, समान सुरक्षा की मांग |
| UGC का उद्देश्य | SC/ST/OBC के लिए विशेष संरक्षण, 2012 नियमों का स्थानांतरण |
| देशव्यापी विरोध | छात्र संगठनों के प्रदर्शन, SC में 3+ याचिकाएं |
यह मामला उच्च शिक्षा में समानता बनाम आरक्षण बहस को नई दिशा दे सकता है।

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