अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फेडरल रिजर्व के अगले चेयरमैन के रूप में केविन वॉर्श के नाम की घोषणा ने वैश्विक कमोडिटी मार्केट में हड़कंप मचा दिया। भारत के MCX पर चांदी के दाम 15% तक लुढ़क गए और लोअर सर्किट लगने से ट्रेडिंग रुक गई, जबकि सोने में 13,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेज गिरावट दर्ज की गई।
केविन वॉर्श कौन हैं?
केविन वॉर्श 2006 में मात्र 35 साल की उम्र में फेडरल रिजर्व बोर्ड के सबसे युवा गवर्नर बने थे और 2011 तक इस पद पर रहे। वे महंगाई के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के लिए जाने जाते हैं, जिसे बाजार ‘हॉकिश’ नीति मानता है। ट्रंप के इस चॉइस से निवेशकों को डर है कि ब्याज दरें ऊंची रहेंगी, जिससे गोल्ड और सिल्वर जैसे सेफ हैवन एसेट्स पर दबाव पड़ेगा।
MCX पर क्या हुआ?
30 जनवरी 2026 को MCX पर चांदी 3,51,906 रुपये प्रति किलोग्राम तक गिरकर लोअर सर्किट में चली गई, ट्रेडिंग रुक गई। सोना भी रिकॉर्ड तेजी के बाद करीब 9% नीचे आ गया। ग्लोबल मार्केट में सिल्वर $95 प्रति औंस और गोल्ड $4,941 तक फिसला। पहले से ओवरबॉट जोन में चल रहे दामों पर यह खबर ट्रिगर बनी।
बाजार पर असर क्यों?
वॉर्श की नियुक्ति से फेड की टाइट पॉलिसी की आशंका बढ़ी, जो महंगाई कंट्रोल के लिए ब्याज दरें बढ़ा सकती है। इससे डॉलर मजबूत हुआ, बॉन्ड यील्ड बढ़े और स्टॉक्स व प्रेशियस मेटल्स में बिकवाली हुई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह शॉर्ट-टर्म करेक्शन है, लेकिन 2026 में वोलेटिलिटी बनी रहेगी।

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