मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस और सांसद कंगना रनौत ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने पहले पीरियड (मासिक धर्म) से जुड़ा काफ़ी निजी और खुला किस्सा बताया, जो सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में चर्चा का विषय बना है।
कंगना ने अपनी कहानी में बताया कि उनके पीरियड्स देर से आए थे और उस समय उन्हें इसके बारे में कुछ भी समझ नहीं आता था। स्कूल में 9वीं कक्षा में यह विषय पढ़ाया जाता था, लेकिन तब तक बहुत सी लड़कियों को पहले ही पीरियड्स आ चुके थे। कंगना को वास्तविक जानकारी टीवी एडवर्टाइजमेंट से ही मिली थी।
📌 बचपन का डरावना अनुभव
- एक दिन सुबह जब उन्होंने उठकर देखा, तो बेडशीट पूरी रक्त से भर गई थी, जिससे कंगना डर गई थीं और रोने लगी थीं क्योंकि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि यह क्या हो रहा है। उनकी मां इस बात पर खुश थीं कि उनका पीरियड आ गया है, लेकिन कंगना को यह अनुभव बहुत भारी लगा।
- कंगना ने बताया कि उन्हें डर था कि अब वे “बड़ी हो गई हैं” और शायद उनके माता-पिता उन्हें उसी तरह प्यार नहीं करेंगे, जैसे पहले करते थे। उन्होंने अपने मन में यह चिंता जताई कि अब उनका जीवन पूरी तरह बदल जाएगा।
👩👧 परिवार की प्रतिक्रिया
कंगना की मां उस समय पीरियड्स न आने पर चिंतित थी, और यह सोचकर गुस्सा भी हो गईं कि कंगना अभी तक “गुड़िया-घर” जैसे खेल खेलने में लगी हैं। इसीलिए एक दिन उन्होंने कंगना के प्यारे गुड़िया-घर को बाहर फेंक दिया, यह सोचते हुए कि यही वजह है कि कंगना के पीरियड्स नहीं आ रहे।
कंगना ने यह अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह वह समय था जब पीरियड्स के बारे में जानकारी और समझ की कमी थी, और ऐसे अनुभव कई लड़कियों के लिए भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।

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