कर्नाटक के नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय (CEoD) के डीजीपी डॉ. के. रामचंद्र राव को वर्दी में कार्यालय के अंदर महिला संग अंतरंग हरकतों का वीडियो वायरल होने के बाद सस्पेंड कर दिया गया। राज्य सरकार ने इसे ‘अश्लील आचरण’ बताते हुए AIS कंडक्ट रूल्स का उल्लंघन करार दिया, जांच के आदेश दिए। 1993 बैच के IPS राव ने वीडियो को ‘फर्जी’ बताया, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
47 सेकंड का वीडियो तीन क्लिप्स का संकलन है, जिसमें राव वर्दी में महिला को किस करते, गले लगाते दिखे; तिरंगे व पुलिस प्रतीक के सामने। चैंबर के अंदर मोबाइल से रिकॉर्ड, महिला का चेहरा ब्लर; सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश। CM सिद्धारमैया ने कहा- ‘जांच होगी, कोई ऊपर नहीं’।
राव ने पत्रकारों से कहा- ‘झूठा वीडियो, 8 साल पुराना हो सकता है; जांच कराऊंगा’। सस्पेंशन आदेश में कहा गया- सरकारी कर्मचारी के लिए अयोग्य, राज्य को शर्मसार किया; सब्सिस्टेंस भत्ता मिलेगा। विपक्ष ने पूर्ण जांच की मांग की।
1993 बैच IPS, पहले बेंगलुरु मेट्रो टास्क फोर्स ADGP, दक्षिणी रेंज IGP रहे। 2023 में DGP पदोन्नत, अगस्त 2025 में बहाल; स्टेपडॉटर रन्या राव के गोल्ड स्मगलिंग केस में विवाद। पुलिस हाउसिंग चेयरमैन भी रहे, कई जांचों का सामना।

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