उत्तर प्रदेश में चल रहे बुलडोजर एक्शन को लेकर एक बार फिर सियासी और सामाजिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी कड़ी में मौलाना जर्जिस अंसारी का एक बयान सामने आया है, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
मौलाना जर्जिस अंसारी ने बुलडोजर कार्रवाई पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि “उत्तर प्रदेश में रहने का अब दिल नहीं करता। हालात ऐसे हो गए हैं कि हम मस्जिद में जाकर नमाज़ भी ठीक से नहीं पढ़ पा रहे हैं।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
🔹 क्या कहा मौलाना ने?
मौलाना जर्जिस अंसारी का कहना है कि:
- बुलडोजर कार्रवाई से अल्पसंख्यक समाज में डर का माहौल बना है
- धार्मिक स्थलों और आम लोगों को निशाना बनाए जाने की भावना पैदा हो रही है
- मौजूदा हालात में लोगों की धार्मिक आज़ादी प्रभावित हो रही है
🔹 बयान पर बढ़ा विवाद
मौलाना के इस बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे भावनात्मक प्रतिक्रिया बता रहे हैं, तो वहीं कई लोगों का कहना है कि इस तरह के बयान सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
🔹 प्रशासन और सरकार का पक्ष
वहीं सरकार और प्रशासन की ओर से पहले भी यह स्पष्ट किया जा चुका है कि बुलडोजर एक्शन कानून के दायरे में रहकर अवैध निर्माणों के खिलाफ किया जाता है और इसका किसी धर्म विशेष से कोई लेना-देना नहीं है।
🔹 सियासी प्रतिक्रिया संभव
मौलाना जर्जिस अंसारी के बयान के बाद यह माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है। विपक्षी दल इसे सरकार पर हमला करने का मुद्दा बना सकते हैं, जबकि सत्तापक्ष कानून-व्यवस्था का हवाला देता नजर आ सकता है।
फिलहाल मौलाना के इस बयान ने एक बार फिर यूपी में बुलडोजर कार्रवाई और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर बहस छेड़ दी है।

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