मुंगेर, 7 जनवरी 2026: बिहार के मुंगेर जिले की रहने वाली मंशा अपने मुस्लिम प्रेमी नियाजुल से शादी के महज एक सप्ताह बाद कोर्ट के आदेश पर अपने परिजनों के पास लौट आई। कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उसे परिवार को सौंप दिया। माता-पिता ने बेटी को बड़ा महावीर मंदिर ले जाकर गंगाजल से शुद्धिकरण संस्कार कराया।
शुद्धिकरण संस्कार और मंदिर में पूजा-अर्चना
माता-पिता ने बेटी मंशा को मुंगेर के प्रसिद्ध बड़ा महावीर मंदिर ले जाया, जहां पुजारी घनश्याम दास ने शंख जल, मंत्रोच्चार और गंगाजल से उसका शुद्धिकरण संस्कार संपन्न कराया। संस्कार के बाद मंशा ने भगवान महावीर के दर्शन किए, हनुमान पाठ और सुंदरकांड पाठ किया तथा प्रसाद चढ़ाया। संस्कार में विश्व हिंदू परिषद, दुर्गा वाहिनी के सदस्य और परिजन मौजूद रहे। पूजा के बाद मंशा अपनी मां के साथ घर लौट गई।
दिल्ली में 30 दिसंबर को हुई थी शादी
मंशा ने 30 दिसंबर को घर से भागकर नियाजुल से दिल्ली के तीस हजारी स्थित आर्य समाज वैदिक संस्कार ट्रस्ट में अपनी मर्जी से शादी रचा ली थी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मंशा ने कहा था, “मुझे कोई जबरदस्ती नहीं लाया। मैं खुद नियाजुल के साथ भागी हूं। पुलिस और प्रशासन से अपील है कि हमें परेशान न करें।” वीडियो में दोनों ने शादी की जानकारी साझा की थी।
पिता की शिकायत पर दर्ज हुआ अपहरण का केस
बेटी के गायब होने पर परिजनों ने सफियाबाद थाने में सात लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया। छह दिन बाद मंशा नियाजुल के परिजनों संग थाने पहुंची। पुलिस ने पूछताछ और सदर अस्पताल में मेडिकल जांच कराई, फिर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट में मंशा ने माता-पिता के साथ रहने की इच्छा जताई, जिसके बाद उसे परिवार को सौंप दिया गया।
मां की अपील: बेटी की गलती माफ कर दें
बेटी के घर लौटने पर मां ने लोगों से अपील की, “मेरी बेटी की गलती को सब माफ कर दें। वह हमारे साथ है, इससे हम खुश हैं। उसे प्रताड़ित न करें।” उन्होंने बेटी से कहा, “इसे बुरा सपना समझकर भूल जाओ।” यह घटना सामाजिक और पारिवारिक तनाव को दर्शाती है, जहां प्रेम और परंपरा के बीच टकराव उभरा।

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