उद्धव नहीं, राज ठाकरे ने थामा शिंदे का हाथ,BJP की बढ़ी टेंशन…वजह जानकर लोग हुए हैरान।

महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना को औपचारिक समर्थन दे दिया। 122 सीटों वाली KDMC में बहुमत के लिए 62 सीटों की जरूरत है। हालिया चुनाव में शिंदे शिवसेना को 53, भाजपा को 50, उद्धव ठाकरे गुट को 11 और मनसे को 5 सीटें मिलीं। मनसे के 5 नगरसेवकों के समर्थन से शिंदे शिवसेना का आंकड़ा 58 हो गया, जो बहुमत के बहुत करीब है।

पूर्व विधायक प्रमोद (राजू) पाटील ने अपने 5 नगरसेवकों के साथ कोंकण संभागीय आयुक्त कार्यालय में समर्थन पत्र जमा कराया। शिंदे शिवसेना के सभी 53 नगरसेवकों ने भी अपना गुट पंजीकृत कराया। कल्याण सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि मनसे ने शहर के विकास के लिए समर्थन दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महायुति (शिवसेना-भाजपा) का मेयर ही बनेगा, अंतिम फैसला एकनाथ शिंदे और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण मिलकर लेंगे।

यह गठबंधन भाजपा के लिए बड़ा झटका है। महायुति में शामिल होने के बावजूद शिंदे शिवसेना ने मेयर पद के लिए मनसे को प्राथमिकता दी। भाजपा ने ढाई-ढाई साल के मेयर पद की मांग की थी। उद्धव गुट के कुछ नगरसेवक भी शिंदे गुट के संपर्क में हैं, जिससे बहुमत आसानी से पार हो सकता है। ठाकरे भाइयों के एक साथ चुनाव लड़ने के बावजूद यह अप्रत्याशित गठबंधन राजनीतिक समीकरण बदल सकता है।

शिवसेना (UBT) नेता अनिल परब ने कहा, “यह उनकी पार्टी का निर्णय है, हम अपनी रणनीति पर ध्यान देंगे।” श्रीकांत शिंदे ने जोर दिया कि BMC चुनावों के बाद KDMC में भी महायुति का दबदबा रहेगा। यह गठबंधन महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति में नया समीकरण रच सकता है, जहां धुर विरोधी दल विकास के नाम पर एकजुट हो गए। मेयर पद पर अंतिम निर्णय जल्द आने की उम्मीद है।

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