Blog

  • इंदौर का करोड़पति भिखारी मांगीलाल: कुष्ठ रोगी ने 3 मकान, कार, ऑटो और सूदखोरी का साम्राज्य खड़ा किया!

    इंदौर का करोड़पति भिखारी मांगीलाल: कुष्ठ रोगी ने 3 मकान, कार, ऑटो और सूदखोरी का साम्राज्य खड़ा किया!

    मध्य प्रदेश के इंदौर में भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के दौरान सर्राफा बाजार से रेस्क्यू किया गया 50 वर्षीय कुष्ठ रोगी मांगीलाल करोड़पति निकला। उसके नाम 3 पक्के मकान, डिजायर कार, 3 ऑटो रिक्शा (किराए पर) और सर्राफा व्यापारियों को 4-5 लाख उधार देने का धंधा दर्ज है, रोजाना 1500-2500 रुपये की कमाई!

    भगत सिंह नगर में 3 मंजिला मकान (16×45), शिवनगर में 600 sq ft घर, अलवासा में PM आवास योजना का 1BHK फ्लैट। चालक के साथ कार से भीख मांगता, लकड़ी की गाड़ी पर घिसटने का नाटक; 2021 से सक्रिय। NGO प्रवेश अध्यक्ष रूपाली जैन के अनुसार पूर्व मिस्त्री था, बीमारी ने अपाहिज बनाया तो भिक्षा का धंधा शुरू किया।

    महिला बाल विकास अधिकारी दिनेश मिश्रा ने आश्रय गृह में भेजा। कलेक्टर शिवम वर्मा ने भिक्षुकमुक्त इंदौर का दावा दोहराया, धोखाधड़ी और सूदखोरी की जांच कर कार्रवाई का ऐलान। भांजे ने संपत्ति पर दावा किया, नया ट्विस्ट।

  • एआर रहमान का दर्दनाक सफर: हिंदू परिवार में जन्मे, पिता की मौत और गरीबी ने बनाया मुसलमान!

    एआर रहमान का दर्दनाक सफर: हिंदू परिवार में जन्मे, पिता की मौत और गरीबी ने बनाया मुसलमान!

    म्यूजिक के जादूगर एआर रहमान का असली नाम दिलीप कुमार था, जो तमिलनाडु के मद्रास में हिंदू परिवार में पैदा हुए। 9 साल की उम्र में पिता आरके शेखर के कैंसर से निधन ने परिवार को आर्थिक संकट में धकेल दिया, जिसके बाद रहमान ने टीनएज में ही छोटे-मोटे काम शुरू कर दिए।

    पिता के संगीत उपकरण किराए पर देकर गुजारा चला, स्कूल ने मां को बुलाकर ‘भीख मांग लो’ कह दिया। हताश रहमान की मुलाकात सूफी पीर कादरी साहब से हुई, जिनकी शिक्षाओं से प्रभावित होकर 23 साल की उम्र में मां-बहनों संग इस्लाम अपनाया। करण थापर को दिए इंटरव्यू में बताया- सूफी हीलर ने पिता का इलाज किया था, बाद में आध्यात्मिक शांति मिली।

    पुराने घर की दीवारों पर हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें थीं। नाम बदलने के लिए हिंदू ज्योतिषी ने ‘अब्दुल रहमान’ और ‘अब्दुल रहीम’ सुझाए, रहमान को पहला पसंद आया। नसरीन मुन्नी कबीर की किताब में लिखा- दिलीप कुमार नाम अपनी इमेज से मेल नहीं खाता था।

    2009 में ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ और ‘127 आवर्स’ के लिए दो ऑस्कर जीतने वाले पहले भारतीय। हाल ही बॉलीवुड में 8 साल काम न मिलने का बयान देकर ट्रोल हुए।

  • कर्नाटक DGP रामचंद्र राव सस्पेंड: कार्यालय में महिला संग किस वीडियो वायरल, CM बोले- कोई कानून से ऊपर नहीं!

    कर्नाटक DGP रामचंद्र राव सस्पेंड: कार्यालय में महिला संग किस वीडियो वायरल, CM बोले- कोई कानून से ऊपर नहीं!

    कर्नाटक के नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय (CEoD) के डीजीपी डॉ. के. रामचंद्र राव को वर्दी में कार्यालय के अंदर महिला संग अंतरंग हरकतों का वीडियो वायरल होने के बाद सस्पेंड कर दिया गया। राज्य सरकार ने इसे ‘अश्लील आचरण’ बताते हुए AIS कंडक्ट रूल्स का उल्लंघन करार दिया, जांच के आदेश दिए। 1993 बैच के IPS राव ने वीडियो को ‘फर्जी’ बताया, कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।

    47 सेकंड का वीडियो तीन क्लिप्स का संकलन है, जिसमें राव वर्दी में महिला को किस करते, गले लगाते दिखे; तिरंगे व पुलिस प्रतीक के सामने। चैंबर के अंदर मोबाइल से रिकॉर्ड, महिला का चेहरा ब्लर; सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश। CM सिद्धारमैया ने कहा- ‘जांच होगी, कोई ऊपर नहीं’।

    राव ने पत्रकारों से कहा- ‘झूठा वीडियो, 8 साल पुराना हो सकता है; जांच कराऊंगा’। सस्पेंशन आदेश में कहा गया- सरकारी कर्मचारी के लिए अयोग्य, राज्य को शर्मसार किया; सब्सिस्टेंस भत्ता मिलेगा। विपक्ष ने पूर्ण जांच की मांग की।

    1993 बैच IPS, पहले बेंगलुरु मेट्रो टास्क फोर्स ADGP, दक्षिणी रेंज IGP रहे। 2023 में DGP पदोन्नत, अगस्त 2025 में बहाल; स्टेपडॉटर रन्या राव के गोल्ड स्मगलिंग केस में विवाद। पुलिस हाउसिंग चेयरमैन भी रहे, कई जांचों का सामना।

  • MRI मशीन में ‘वो’ किया! 1991 का अनोखा प्रयोग जो मेडिकल साइंस बदल गया

    MRI मशीन में ‘वो’ किया! 1991 का अनोखा प्रयोग जो मेडिकल साइंस बदल गया

    क्या आपने कभी सोचा है कि MRI मशीन सिर्फ हड्डियों और बीमारियों की जांच के लिए ही इस्तेमाल होती है? 1991 में नीदरलैंड के वैज्ञानिक मेनको विक्टर ‘पेक’ वैन एंडेल ने एक ऐसा प्रयोग किया, जिसने पूरी मेडिकल दुनिया को चौंका दिया। इस रिसर्च में उन्होंने मानव शरीर के अंतरंग पलों के दौरान होने वाले शारीरिक बदलावों को MRI से कैप्चर किया।

    कपल ने MRI के अंदर कैसे फिट होकर रिसर्च पूरी की

    वैज्ञानिक मेनको और उनकी दोस्त आइडा साबेलिस व उनके साथी जूप ने इस प्रयोग को अंजाम दिया। चुनौती थी MRI मशीन की संकरी जगह, जो उस समय आज की तरह स्पेशियस नहीं थी। दोनों ने एक विशेष मुद्रा अपनाई जिसमें वे मशीन के अंदर फिट हो सके, और कंट्रोल रूम से निर्देशों के साथ शरीर के आंतरिक परिवर्तनों को रिकॉर्ड किया।

    यह प्रयोग पूरी तरह वैज्ञानिक निगरानी में हुआ, जिसका उद्देश्य महिलाओं के शरीर की गतिशीलता को बेहतर समझना था। आइडा ने बाद में एक पॉडकास्ट में बताया कि फिट होना सबसे मुश्किल था — शुरू में योजना फेल हो गई, लेकिन तुरंत स्थिति बदली गई।

    1999 में प्रकाशित नतीजे, आज भी मील का पत्थर

    रिसर्च के नतीजे ब्रिटिश मेडिकल जर्नल (BMJ) में 1999 में प्रकाशित हुए। इन MRI इमेजेस ने डॉक्टरों को महिलाओं के शरीर के उन रहस्यों से रूबरू कराया, जो पहले कभी नहीं देखे गए थे। आइडा ने इसे “अजीब लेकिन यादगार” बताया और हंसते हुए कहा कि विज्ञान कभी-कभी सबसे असामान्य रास्ते अपनाता है।

    यह प्रयोग साबित करता है कि साइंस की खोज में कोई सीमा नहीं होती — न MRI मशीन बेकार गई, न रिसर्चरों का साहस। आज भी मेडिकल स्टूडेंट्स इसे पढ़ते हैं।


    क्यों वायरल हो रही है यह 30+ साल पुरानी कहानी

    सोशल मीडिया पर यह स्टोरी दोबारा ट्रेंड कर रही है क्योंकि यह विज्ञान, ह्यूमर और साहस का अनोखा मिश्रण है। क्या आपने कभी सोचा था कि MRI का ऐसा इस्तेमाल भी हो सकता है?

  • 30 साल बाद दुर्लभ संयोग: शनि और बुध का बनेगा शक्तिशाली नवपंचम राजयोग, इन राशियों की चमकेगी किस्मत

    30 साल बाद दुर्लभ संयोग: शनि और बुध का बनेगा शक्तिशाली नवपंचम राजयोग, इन राशियों की चमकेगी किस्मत

    आखिरकार वह समय आ गया है जिसका इंतजार कई राशियों के जातक लंबे समय से कर रहे थे। 30 साल बाद शनि और बुध मिलकर एक ऐसा शक्तिशाली नवपंचम राजयोग बना रहे हैं, जो कुछ राशियों के भाग्य को एकदम से बदल सकता है। इस ग्रह संयोजन का असर जनवरी 2026 के मध्य से दिखना शुरू होगा, जब कर्म का कारक शनि और बुद्धि के स्वामी बुध एक ही भाव में विशेष दृष्टि से एक-दूसरे को प्रभावित करेंगे।

    ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह राजयोग धन, करियर, और सफलता के नए अवसर लेकर आएगा। जिन राशियों पर इसका शुभ प्रभाव पड़ेगा, उन्हें न सिर्फ नई नौकरी या प्रमोशन मिल सकता है बल्कि धनवृद्धि और मान-सम्मान भी प्राप्त होने की संभावना है।

    किन राशियों पर पड़ेगा सबसे अधिक शुभ प्रभाव

    1. मिथुन राशि (Gemini): लंबे समय से अटकी योजनाएं अब पूरी होंगी। प्रोफेशनल सर्कल में पहचान बढ़ेगी और विदेश यात्रा के योग भी बन सकते हैं।
    2. कन्या राशि (Virgo): नौकरी और व्यापार दोनों में बड़ा बदलाव संभव है। कोई पुराना निवेश अचानक लाभ दिला सकता है।
    3. मकर राशि (Capricorn): शनि आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए इस संयोग का सीधा लाभ मिलेगा। प्रमोशन या नया अवसर हाथ लग सकता है।
    4. कुंभ राशि (Aquarius): वित्तीय स्थिति में सुधार और पारिवारिक जिम्मेदारियों से राहत मिलेगी। नई संपत्ति खरीदने या निवेश का अवसर बन सकता है।

    धनलाभ और करियर में तरक्की के योग

    ग्रहों का यह संयोजन विशेष रूप से उन लोगों के लिए शुभ है जो सरकारी नौकरी, आईटी, बैंकिंग या बिजनेस क्षेत्र से जुड़े हैं। बुध की स्थिति आर्थिक निर्णयों में स्पष्टता लाएगी जबकि शनि मेहनत का फल अब सौगुना कर वापस देगा।

    ज्योतिष के अनुसार, नवपंचम राजयोग भाग्य को मजबूत बनाता है — ऐसी स्थिति में धनलाभ के साथ-साथ मनचाही सफलता मिलने की पूर्ण संभावना रहती है।

    उपाय से बढ़ाएं शुभ प्रभाव

    • शनिवार को पीपल वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
    • हरे रंग के वस्त्र पहनें और बुध मंत्र का जाप करें।
    • जरूरतमंदों को काले तिल और दाल दान करें।

    इस दुर्लभ योग का प्रभाव अगले 6 से 8 महीनों तक रहने की संभावना है, इसलिए यह समय राशियों के लिए तरक्की और समृद्धि का मार्ग खोल सकता है।

  • ममता बनर्जी को झटका: I-PAC पर ED की रेड से मचा सियासी तूफान, मुख्यमंत्री ने अमित शाह पर लगाया बड़ा आरोप

    ममता बनर्जी को झटका: I-PAC पर ED की रेड से मचा सियासी तूफान, मुख्यमंत्री ने अमित शाह पर लगाया बड़ा आरोप

    पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) और केंद्र सरकार के बीच तनाव को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है। गुरुवार को ED ने पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म I-PAC से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की चुनाव रणनीति टीम से जुड़ी बताई जा रही है।

    सूत्रों के अनुसार, ईडी ने सेंट्रल कोलकाता में I-PAC के सीनियर अधिकारी प्रतीक जैन के घर और सॉल्ट लेक सेक्टर-V स्थित गोदरेज वाटरसाइड बिल्डिंग में फर्म के ऑफिस पर तलाशी ली। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी ने वहां से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज ज़ब्त किए हैं।

    ममता बनर्जी का पलटवार: “अमित शाह देश को नहीं बचा सकते”

    ED की कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सीधे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा,

    “यह सब उस शरारती गृह मंत्री ने करवाया है जो देश को सुरक्षित नहीं रख सकता। अमित शाह हमारी पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट इकट्ठा करना चाहते हैं।”

    ममता ने केंद्रीय एजेंसियों पर आरोप लगाया कि वे TMC के पार्टी दस्तावेज़ चुरा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राजनीतिक दस्तावेज़ और पार्टी रणनीति इकट्ठा करना ED का काम है? मुख्यमंत्री ने कहा कि एजेंसी ने बिना किसी वैधानिक कारण के पार्टी से जुड़ी फाइलें अपने कब्जे में लीं।

    ऑफिस में बढ़ा तनाव, पुलिस पहुंची मौके पर

    जैसे ही छापे की खबर फैली, TMC कार्यकर्ता सॉल्ट लेक ऑफिस के बाहर जमा होने लगे। हालात को देखते हुए बिधाननगर पुलिस कमिश्नर भी मौके पर पहुंचे। ममता बनर्जी खुद भी स्थिति पर नज़र रखने के लिए सेक्टर V ऑफिस पहुंचीं। इस दौरान कुछ फाइलें उनके काफिले की गाड़ी में रखे जाते हुए देखी गईं, जिससे राजनीतिक हलकों में नए सवाल उठने लगे हैं — क्या इनमें पार्टी के संवेदनशील दस्तावेज़ मौजूद थे?

    क्या बोले अधिकारी?

    फिलहाल न तो ED और न ही TMC की ओर से जब्त दस्तावेज़ों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि यह कार्रवाई 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के बीच टीएमसी की रणनीति को प्रभावित कर सकती है।

  • दुद्धी विधायक विजय सिंह गोंड का निधन: आदिवासी राजनीति के ‘पितामह’ खो दिया UP ने

    दुद्धी विधायक विजय सिंह गोंड का निधन: आदिवासी राजनीति के ‘पितामह’ खो दिया UP ने

    लखनऊ/सोनभद्र, 8 जनवरी 2026: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दुद्धी विधायक विजय सिंह गोंड का लखनऊ के एसजीपीजीआई में इलाज के दौरान निधन हो गया। लंबे समय से किडनी की गंभीर बीमारी से जूझ रहे 8 बार विधायक रहे गोंड को विधानसभा अध्यक्ष अवध नारायण यादव ने मृत घोषित किया। सोनभद्र और दक्षिणी UP में शोक की लहर दौड़ गई।

    लंबी बीमारी के बाद अंतिम सांस

    गोंड की तबीयत खराब होने पर उन्हें SGPGI में भर्ती किया गया था। दोनों किडनियां फेल होने से डॉक्टर उन्हें बचा न सके। पार्टी नेताओं और समर्थकों में गहरा सदमा व्याप्त है। उनके निधन को आदिवासी समाज और UP राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है।

    आदिवासी राजनीति के अग्रदूत

    दुद्धी से 403वीं विधानसभा सीट जीतने वाले गोंड को आदिवासी समाज का ‘पितामह’ कहा जाता था। उन्होंने दुद्धी-ओबरा को ST सीट बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष किया। वनाधिकार, जमीन, खनन प्रभावित क्षेत्रों और शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सदन में बुलंद आवाज बने रहे।

    साधारण शुरुआत से 8 बार विधायक

    वनवासी सेवा आश्रम में 200 रुपये मानदेय पर काम शुरू करने वाले गोंड ने 1979 में कांग्रेस टिकट पर पहली जीत हासिल की। 1989 में गुरु रामप्यारे पनिका को हराया। विभिन्न दलों से जुड़े लेकिन आदिवासी हितों पर अडिग रहे। 8 बार विधायक बनने की उपलब्धि हासिल की।

    शोक सभा और श्रद्धांजलि

    सपा नेताओं ने उन्हें पार्टी का मजबूत स्तंभ बताया। सोनभद्र, दुद्धी, ओबरा में शोक की लहर है। आदिवासी समुदाय ने उन्हें मार्गदर्शक खोने का दर्द जताया। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं। उनका सादा जीवन और जनसेवा हमेशा याद रहेगी।

  • ट्रंप का भारत पर नया हमला: रूस से तेल खरीदने पर 500% टैरिफ की धमकी, दुनिया में हड़कंप

    ट्रंप का भारत पर नया हमला: रूस से तेल खरीदने पर 500% टैरिफ की धमकी, दुनिया में हड़कंप

    वॉशिंगटन, 8 जनवरी 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले भारत, चीन और ब्राजील पर 500 फीसदी तक टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। वेनेजुएला से रूसी तेल टैंकर पकड़े जाने के बाद यह कदम रूस पर दबाव बनाने के लिए उठाया गया। पूरी दुनिया इस सजा से हिल गई है।

    रूस पर दबाव के लिए नया विधेयक

    ट्रंप प्रशासन ने विधेयक मंजूर किया, जिसमें रूस से तेल आयात करने वालों पर भारी शुल्क लगेगा। यह अभी अमेरिकी संसद में पेश होगा। यूक्रेन युद्ध के बीच रूस को आर्थिक चोट पहुंचाने का प्रयास है। भारत पर पहले से 50% टैरिफ लगा है, जिसमें 25% रूस तेल के कारण। चीन (145%) और ब्राजील पर भी सजा दी गई।

    चीन-अमेरिका टैरिफ जंग का हाल

    चीन से आयात पर अमेरिका ने 145% टैक्स लगाया, तो चीन ने 125% का जवाब दिया। बाद में 90 दिनों के लिए सहमति बनी। अमेरिका ने टैक्स 30% किया, चीन ने 10%। अब नया टैरिफ राउंड शुरू हो सकता है।

    भारत को 18,000 करोड़ का फायदा?

    अमेरिकी कोर्ट शुक्रवार को ट्रंप टैरिफ पर फैसला सुना सकता है। यदि गैरकानूनी ठहराया गया, तो भारत को अब तक वसूले 18,000 करोड़ रुपये लौटाने होंगे। यह व्यापार युद्ध भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन गया है।

  • वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द: 50 में 42 मुस्लिम छात्रों के बाद विवाद, NMC ने लिया सख्त कदम

    वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की मान्यता रद्द: 50 में 42 मुस्लिम छात्रों के बाद विवाद, NMC ने लिया सख्त कदम

    जम्मू, 8 जनवरी 2026: जम्मू स्थित वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की MBBS सीटों की मान्यता राष्ट्रीय मेडिकल आयोग (NMC) ने रद्द कर दी है। पहले बैच में 50 में से 42 सीटें मुस्लिम छात्रों को मिलने के बाद हिंदू संगठनों के विरोध के बाद यह फैसला आया। आयोग ने इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों और अन्य संगठनात्मक खामियों का हवाला दिया।

    हिंदू संगठनों का प्रदर्शन और विवाद

    कॉलेज के पहले बैच में 50 MBBS सीटों में से 42 मुस्लिम छात्रों को आवंटित होने पर हिंदू संगठनों ने जोरदार विरोध किया। राष्ट्रवादी बजरंग दल (RBD) ने जम्मू-कश्मीर में हिंदू अल्पसंख्यक होने के बावजूद मुस्लिम छात्रों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया और हिंदू छात्रों के लिए आरक्षण की मांग की। विवाद नवंबर 2025 में शुरू हुआ, जब कॉलेज ने सितंबर में 50 सीटों की मंजूरी पाई थी।

    NEET मेरिट पर कॉलेज और सरकार का बचाव

    कॉलेज प्रशासन और सीएम उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि प्रवेश NEET स्कोर पर आधारित था। 85% सीटें मुस्लिम बहुल यूनियन टेरिटरी के लिए आरक्षित होने से मुस्लिम छात्रों के उच्च स्कोर के कारण उनकी संख्या अधिक हुई। हालांकि, संगठनात्मक कमियों ने विवाद को बढ़ावा दिया।

    NMC के फैसले के कारण

    NMC ने मान्यता रद्द करते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी, शिक्षकों की अपर्याप्त संख्या और चिकित्सकीय सामग्री की कमी का उल्लेख किया। आयोग को पिछले दो हफ्तों में कई शिकायतें मिलीं, जिनमें संस्थान की सेवाओं पर गंभीर आरोप थे। प्रवेशित छात्रों को अन्य मेडिकल कॉलेजों में समायोजित किया जाएगा। यह फैसला जम्मू-कश्मीर की मेडिकल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

  • शंकराचार्य का सनसनीखेज बयान: “महमूद ग़ज़नवी का नाम मिटा दें”, पीएम मोदी के सोमनाथ ब्लॉग पर दी प्रतिक्रिया

    शंकराचार्य का सनसनीखेज बयान: “महमूद ग़ज़नवी का नाम मिटा दें”, पीएम मोदी के सोमनाथ ब्लॉग पर दी प्रतिक्रिया

    नई दिल्ली, 7 जनवरी 2026: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोमनाथ मंदिर पर ब्लॉग पोस्ट पर हैरान करने वाली प्रतिक्रिया दी। उन्होंने महमूद ग़ज़नवी का नाम भारत से मिटाने की मांग की, साथ ही पीएम के संदेश की सराहना की।

    पीएम मोदी का ब्लॉग और 1000 साल पुराना दर्द

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्लॉग में 1026 में ग़ज़नवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर हमले का जिक्र किया। उन्होंने 1000 साल के सफर पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मंदिर तोड़ा जा सकता है, लेकिन सोमनाथ का स्वाभिमान नहीं। शंकराचार्य ने इसे स्वागतयोग्य बताया, कहा कि यह संदेश देता है कि हज़ार साल बाद भी सोमनाथ खड़ा है।

    ग़ज़नवी का नाम-निशां मिटाने की मांग

    अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि ग़ज़नवी ने छोटी सेना से मंदिर, पुजारियों और भक्तों को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने हमले की कोशिश को नाकाम बताते हुए मांग की, “जहां भी ग़ज़नवी का नाम आता है, उसे मिटा देना चाहिए।” शंकराचार्य ने जोर दिया कि ग़ज़नवी ने कुछ अच्छा नहीं किया, इसलिए भारत से उसका नामो-निशां मिटाना चाहिए।

    सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल होंगे पीएम

    पीएम मोदी 11 जनवरी को गुजरात के सोमनाथ मंदिर में ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में भाग लेंगे। उन्होंने ब्लॉग में बताया कि ग़ज़नवी के हमले से शुरू तबाही के बावजूद मंदिर बार-बार rebuild हुआ। शंकराचार्य ने पीएम के सोमनाथ को याद करने को सही ठहराया। यह बयान राजनीतिक और धार्मिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।