मध्य प्रदेश के इंदौर में भिक्षावृत्ति उन्मूलन अभियान के दौरान सर्राफा बाजार से रेस्क्यू किया गया 50 वर्षीय कुष्ठ रोगी मांगीलाल करोड़पति निकला। उसके नाम 3 पक्के मकान, डिजायर कार, 3 ऑटो रिक्शा (किराए पर) और सर्राफा व्यापारियों को 4-5 लाख उधार देने का धंधा दर्ज है, रोजाना 1500-2500 रुपये की कमाई!
भगत सिंह नगर में 3 मंजिला मकान (16×45), शिवनगर में 600 sq ft घर, अलवासा में PM आवास योजना का 1BHK फ्लैट। चालक के साथ कार से भीख मांगता, लकड़ी की गाड़ी पर घिसटने का नाटक; 2021 से सक्रिय। NGO प्रवेश अध्यक्ष रूपाली जैन के अनुसार पूर्व मिस्त्री था, बीमारी ने अपाहिज बनाया तो भिक्षा का धंधा शुरू किया।
महिला बाल विकास अधिकारी दिनेश मिश्रा ने आश्रय गृह में भेजा। कलेक्टर शिवम वर्मा ने भिक्षुकमुक्त इंदौर का दावा दोहराया, धोखाधड़ी और सूदखोरी की जांच कर कार्रवाई का ऐलान। भांजे ने संपत्ति पर दावा किया, नया ट्विस्ट।









