अज़रबैजान के राष्ट्रगान का रसीला मतलब — एक अंतरराष्ट्रीय गीत जो दिलों को छू जाता है

नई दिल्ली, 7 फ़रवरी 2026: अज़रबैजान के राष्ट्रगान “March of Azerbaijan” यानी “आज़रबैजान मार्च” की पंक्तियाँ सिर्फ उसके नागरिकों के लिए ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के संगीत-प्रेमियों के लिए एक प्रेरणादायक गीत की तरह हैं। इस राष्ट्रगान के हिंदी अर्थ को जानकर कई लोगों को हैरानी हो सकती है, क्योंकि यह शब्द केवल देशभक्ति का गीत नहीं, बल्कि वीरता, बलिदान और प्रेम का प्रतीक भी है।


🪩 राष्ट्रगान का इतिहास

• यह गीत “Azərbaycan Marşı” के नाम से जाना जाता है और अज़रबैजान का सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक प्रतीक है।
• संगीतकार ऊज़ेइर हाजीबेयोव ने इसका संगीत रचा और इसके शब्द कवि अहमद जावाद ने लिखे।
• 1919 में लिखे जाने के बाद यह गीत बाद में 1992 में आधिकारिक राष्ट्रगान के रूप में अपनाया गया


🎤 राष्ट्रगान का हिंदी में अर्थ

राष्ट्रगान के मूल भाव को अगर सरल हिंदी में समझें तो यह कुछ इस तरह व्यक्त किया जा सकता है:

📌 “अज़रबैजान! हे वीरों की धरती!
हम सभी तैयार हैं अपनी जान देने को,
हम तुम्हारे लिए रक्त बहाने को भी तत्पर हैं!
तेरा तीन रंगों वाला ध्वज सदैव महकता रहे!
तेरी खातिर हजारों प्राण बलिदान हुए,
प्रत्येक सैनिक बन गया एक नायक!
हमारी सच्ची मोहब्बत दिल के सबसे गहरे हिस्से से निकलती है,
तेरे सम्मान की रक्षा करने,
तेरा झंडा ऊँचा करने को,
हर युवा तैयार है!”

यह भाव देश के प्रति अपार समर्पण, बलिदान की भावना और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा करने की प्रेरणा को उजागर करता है — जो राष्ट्रगान को सिर्फ एक गीत से कहीं अधिक बनाता है।


🧭 गीत की खास बातें

देशभक्ति की गहराई: गीत में देशभक्ति सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि हर युवा की आत्मा का हिस्सा बताया गया है।
बलिदान और समर्पण: “हम सभी अपनी जान देने को तैयार हैं” – यह पंक्ति देशभक्ति के उच्चतम रूप का प्रतीक है।
ध्वज का सम्मान: झंडे की खुशहाली और सम्मान को गीत में विशेष रूप से उजागर किया गया है।


📌 क्यों है यह गीत महत्वपूर्ण?

🇦🇿 March of Azerbaijan अज़रबैजान की सौभाग्य, स्वतंत्रता और ऐतिहासिक संघर्ष की गाथा है, जिसमें देशवासियों की आत्मबलिदान की भावना और उनके राष्ट्रीय गर्व को संगीत के माध्यम से व्यक्त किया गया है।

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